कोरोनावायरस के अंधेरे के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार रात 9 बजे 9 मिनट तक लाइटें बंद कर दीया, मोमबत्ती, टॉर्च या फोन की फ्लैश लाइट जलाने की अपील की है। इस पर भारतीय सेना ने सलाह दी है कि दीया जलाते वक्त अल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर इस्तेमाल न करें। इससे आग लगने का खतरा है। हाथ धोने के लिए साबुन ही इस्तेमाल करें। वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि रात 9 बजे सिर्फ लाइट बंद रखें, पंखा, फ्रिज, एसी जैसे बाकी उपकरण चलने दें।
इस बीच, ऊर्जा सचिव संजीव नंदन सहाय ने उन आशंकाओं को बेबुनियााद बताया, जिनमें कहा गया है कि लाइटें बंद होने के बाद वोल्टेज बढ़ने से बिजली के उपकरण खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उपकरणों को कोई खतरा नहीं है। सभी बिजली उत्पादक और वितरण कंपनियों की पूरी तैयारी है। ग्रिड में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। इससे पहले, अचानक बिजला की खपत कम होने और बढ़ने हवाला देते हुए महाराष्ट्र के मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ग्रिड फेल होने की आशंका जताई थी। इसे भी ऊर्जा मंत्रालय की ओर से खारिज कर दिया गया है।
मोदी ने की थी अपील
कोरोना संकट पर मोदी ने शुक्रवार को तीसरी बार देशवासियों को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने 5 अप्रैल को कोरोना संकट के अंधकार को चुनौती देने लिए लाइट बंद करके दिया जलाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था, ‘‘हमें प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। रविवार को 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है। घर की सभी लाइटें बंद कर, दरवाजे पर या बालकनी में, खड़े रहकर, 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। ताकि अपने घरों में मौजूद कोई भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में खुद को अकेला महसूस न करे। प्रकाश के इस आयोजन के दौरान सोशल डेस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा का भी ध्यान रखें।’’
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