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Sunday, 29 March 2020

ब्रिटिश घर पर नहीं टिक रहे, 12 हफ्ते तक बढ़ सकता है लॉकडाउन, बेवजह निकलने पर 93 हजार रु. जुर्माना

लंदन से भास्कर के लिए डॉ. सुनील गर्ग. कोविड-19 ने दुनिया को घुटनों पर ला दिया है। इनमें ब्रिटेन भी है। 28 मार्च तक ब्रिटेन में कुल 759 मौतें हुई थीं, जबकि इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा 578 था। यानी एक दिन में 181 की मौतें। 23 मार्च से देश में तीन हफ्तों का लॉकडाउन है। कहा जा रहा है कि इसे बढ़ाकर 12 हफ्तों का किया जाएगा, क्योंकि लोग बाहर निकल रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का सही ढंग से पालन नहीं कर रहे है।

प्रिंस चार्ल्स के अलावा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और हेल्थ सेक्रेटरी मैट हैन्कॉक, दोनों ही कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैंं। हेल्थ केयर, सोशल केयर, फार्मेसी, पुलिस और दमकल के अलावा सभी सार्वजनिक और निजी इमारतों और दफ्तरों को बंद कर दिया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े प्रतिबंध 12 हफ्तों तक बने रह सकते हैं।

सभी अस्पतालों की ओपीडी लगभग बंद

सभी गैर-जरूरी यात्राओं को रोक दिया गया है। यूके आने-जाने वाली 90% फ्लाइट्स कैंसल हैं। ब्रिटेन के सभी स्कूल 20 मार्च से बंद कर दिए गए हैं। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) जांच करने, अस्पताल तैयार करने और समुदाय में वायरस फैलने से रोकने के लिए गंभीर तनाव में है। सभी अस्पतालों की ओपीडी लगभग बंद हैं। मरीजों को टेलीफोन या वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग से सलाह लेने के लिए कहा गया है। सभी कम जरूरी ऑपरेशन भी रद्द कर दिए गए हैं।

लोगों से ‘समझदार खरीदारी’ का आग्रह

हर अस्पताल में कोविड-एरिया और आइसोलेशन एक्शन प्लान के साथ बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। आईसीयू को इंटेंसिव ट्रॉमा यूनिट में तब्दील करने के लिए सभी जरूरी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, कई अस्पताल अभी भी पर्याप्त पर्सनल सेफ्टी इक्विप्मेंट्स स्वास्थ्य कर्मियों को नहीं दे पा रहे हैं। इसके चलते चिंता बढ़ रही है। पुलिस कानून-व्यवस्था संभालने के लिए सड़कों पर है। बेवजह बाहर निकलने पर 1000 पौंड (93 हजार रु.) तक की पेनल्टी लगाई जा रही है। सुपरमार्केट्स ने शुरुआती पैनिक खरीदारी को देखा है। हालांकि किसानों और सप्लाई करने वालों ने खाद्य और किराने के सामान की कमी न होने देने का वादा किया है। लोगों से ‘समझदार खरीदारी’ का आग्रह किया जा रहा है।

निजी कर्मचारियों को भी 80% वेतन सरकार देगी

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में सेवाएं देने की सरकार की अपील के 24 घंटे के भीतर ही लाखों लोगों ने अपनी स्वीकृति दी है। वित्त मंत्री (चांसलर) ऋषि सुनक ने निजी और स्व-रोजगार, दोनों क्षेत्रों के लोगों को उनके वेतन का 80% तक देने की पेशकश कर बड़ी वित्तीय मदद की है। इस बीच चिंता बनी हुई है कि आने वाले महीनों में महामारी कैसे सामने आएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायरस पूरी दुनिया से खत्म नहीं होता, तब तक खतरा रहेगा।



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यहां बाहर निकलने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।


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